हमारा इंडिया न्यूज हर पल हर खबर मध्यप्रदेश/जबलपुर। नारायणी सेना जाबालिपुरम के तत्वावधान में सनातन हिंदू नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा विक्रम संवत 2082 नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के शुभ आगमन पर रविवार को पूज्य भगवा ध्वज मंगल कलश शोभयात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा दमोहनाका हितकारिणी स्कूल, मिलौनीगंज, कोतवाली, बड़ा फुहारा, अंधेरदेव, तुलाराम चौक, करमचंद चौक, मालवीय चौक होते हुए पुन: बड़ा फु हारा पहुंची। इस मौके पर सभी ने भगवा रंग की पगड़ी (साफा) पहनकर शोभायात्रा का आकर्षक बनाया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दू राष्ट्र बनाए जाने की भी मांग की गई।
चैत्र नवरात्र के अवसर पर हिन्दू नववर्ष का स्वागत बड़े ही हर्षोल्लास के साथ नारायणी सेना जाबालिपुरम के द्वारा किया गया। इस दौरान भव्य भगवाध्वज, मंगलकलश शोभायात्रा निकाली गई। यहां पर भव्य शोभायात्रा का जय श्रीराम के जयघोष और शानदार आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। भव्य शोभायात्रा संतों की अगुवाई में निकाली गई। जिसमें प्रमुख रूप से स्वामी राघवदेवाचार्य, नारायाणी सेना जालाबापुरिम प्रमुख सीताराम सेन आदि रहे।
शोभायात्रा के माध्यम से दिया संदेश:-
इस संबंध में नारायणी सेना जाबालिपुरम के प्रमुख सीताराम सेन ने बताया कि हर वर्ष चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर हिन्दू नववर्ष का स्वागत करने भव्य शोभायात्रा निकाली गई, इस दौरान स्वच्छ भारत, स्वस्थ्य भारत, नशामुक्त भारत, शक्तिशाली भारत का संदेश दिया गया। वहीं इस बार बटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे का भी संदेश दिया गया।
झांकियां रहीं शामिल:-
भागवाध्वज, मंगलकलश शोभायात्रा के दौरान श्रीराम मंदिर की झांकी, दुर्गा माता की प्रतिमा, शंकर भगवान की प्रतिमा, गणेश भगवान की प्रतिमाएं सहित जीवंत झांकियां भी शामिल रहीं। शोभायात्रा में शामिल बैण्ड, ढोल, धमाल और कांसों के माध्यम से नववर्ष का स्वागत किया। जिसमें श्रीराम जी के भजन व हनुमान जी और माता के भजनों की शानदार प्रस्तुति ने सभी के मन को मोहा। वहीं दुलदुल घोडी सहित भगवा ध्वज और भगवा वस्त्र शोभायात्रा में आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रहे।
शोभायात्रा का जगह-जगह हुआ स्वागत:-
मंगलकलश शोभायात्रा का विभिन्न धार्मिक, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के द्वारा जगह-जगह स्वागत किया। जिन्होंने पुष्पवर्षा कर हिन्दू नववर्ष की बधाईयां देते हुए धर्मालंबियों का स्वागत किया। आयोजन के द्वारा सभी धर्मालंबियों ने भगवान वस्त्र धारण कर शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाई।